HERBAL GARDEN
Sardar Patel Institute of Ayurvedic Medical Sciences & Research Centre, Lucknow
तरुणी
Classification
Synoyms
तरुणी
शतपत्रा
गुलाबपुष्प
सौगंधिका
Habit
छोटा काँटेदार पुष्पवृक्ष या झाड़ी
Habitat
यह उष्ण एवं समशीतोष्ण जलवायु में उगाया जाता है। भारत में विशेषतः कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु में इसकी खेती होती है।
Morphology
- यह एक सघन झाड़ीदार पौधा होता है, जिसकी ऊँचाई 1–2 मीटर तक होती है।
-
तना कांटेदार होता है।
-
पत्तियाँ संयुक्त, किनारों पर दंतीयुक्त होती हैं।
-
फूल बड़े, अनेक पंखुड़ियों वाले, गुलाबी रंग के और सुगंधित होते हैं।
- पुष्प से गुलाब जल एवं अत्तर निकाला जाता है।
Chemical Composition
Volatile oils (geraniol, citronellol, nerol)
Flavonoids, Tannins
Phenolic compounds
Vitamin C
Anthocyanins
Organic acids (citric, malic acid)
Guna-Karma
Rasa- मधुर, कषाय
Guna- लघु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- वृहृदय्य, रक्तपित्तहर, शीतल, दीपन, त्वच्य, वारण्य, रसायन, मूत्रल
Doshakarma- वात-पित्त शामक
Medicinal uses
हृदय रोगों में हृदय्य औषधि के रूप में
रक्तपित्त (नाक से रक्त आना) व अतिसार में उपयोगी
त्वचा की सुंदरता बढ़ाने हेतु
मुखशुद्धि, गुलाब जल से नेत्र प्रक्षालन
मनोविकार, अनिद्रा एवं चिड़चिड़ेपन में
बुखार और मूत्रकृच्छ्र में शीतल प्रभाव हेतु
सौंदर्य प्रसाधन, इत्र एवं खाद्य पदार्थों में
Useful Part
पुष्प (फूल की पंखुड़ियाँ)
पुष्पजल (गुलाब जल)
पुष्पसार (अत्तर)
Doses
चूर्ण: 1–3 ग्राम
गुलाब जल: 10–20 मि.ली (भीतर/बाह्य उपयोग)
अर्क: 5–15 मि.ली
Important Formulation
गुलाब अर्क
तरुणी पाक
सौंदर्य वटी
गुलाबाश्म तेल
हृदयवर्धक सिरप
Shloka
तरुणी मधुरा शीतला रक्तपित्तप्रशान्तिका।
वारण्या हृदयायुष्या त्रिदोषघ्ना मनःप्रिया॥
Hindi Name
गुलाब, तरुणी
English Name
Cabbage Rose, Hundred-petaled Rose
Botanical Name
Rosa centifolia
Family
Rosaceae
