HERBAL GARDEN

विषहरिणी

Classification

Synoyms

विषहरिणी
ट्रिडैक्स
रक्तस्राव नाशिनी

Habit

छोटा, फैलने वाला, बारहमासी जड़ी-बूटी, 0.2–0.5 मीटर ऊँचा

Habitat

भारत में खुले खेतों, रास्तों और बंजर भूमि में सामान्य। गर्म और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में व्यापक रूप से पाया जाता है।

Morphology

  • ऊँचाई: 0.2–0.5 मीटर
  • तना: पतला, जमीन पर फैलने वाला, हरा
  • पत्ते: विपरीत, लांबी में अंडाकार, छोटे
  • फूल: पीले और सफेद रंग के छोटे, डिस्क और रे की तरह गुच्छित
  • फल: सूखी कैप्सूल
  • बीज: छोटे, हल्के, सफेद रेशेदार

Chemical Composition

फ्लेवोनॉइड्स
टैनिक एसिड
सैपोनिन्स
अल्कालॉइड्स
एंटीऑक्सीडेंट यौगिक

Guna-Karma

Rasa- कटु, कषाय
Guna- हल्का, सुखद
Virya- शीतल
Vipaka- कटु
Karma- रक्तस्राव निवारक, ज्वर नाशक, व्रणरोपक, सूजन कम करने वाला
Doshakarma- वात और पित्त शामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)

Medicinal uses

पत्ते – ज्वर, रक्तस्राव, व्रण निवारक
फूल – व्रण उपचार और सूजन कम करने में उपयोगी
तना – घाव और चोट में बाहरी प्रयोग के लिए
अर्क – त्वचा रोग और रक्तस्राव नियंत्रक

Useful Part

पत्ते
फूल
तना

Doses

पत्ते का रस या काढ़ा: 10–20 ml
फूल का अर्क: 5–10 ml
तना का लेप: घाव और चोट पर बाहरी उपयोग

Important Formulation

विषहरिणी पत्ते का रस (रक्तस्राव और ज्वर में)
पत्ते और फूल का लेप (घाव और व्रण में)

Shloka

विषहरिणीपत्रं ज्वरहरं व्रणरोपकम्।
रक्तस्रावनाशकं सूजननाशकं च सदा।।

Hindi Name​

विषहरिणी, ट्रिडैक्स, फ्लावरिंग हर्ब

English Name

Coatbuttons, Tridax daisy

Botanical Name

Tridax procumbens (L.) L.

Family

Asteraceae