HERBAL GARDEN

अलम्बुसा (Alambusa)

Classification

Synoyms

अलम्बुसा, अलम्बुषा, लघु लज्जालु, लज्जा वनस्पति

Habit

लघु वार्षिक शाकीय पौधा (Small annual herb)

Habitat

यह पौधा नमी वाले स्थानों, जंगलों, खेतों के किनारे तथा छायादार जगहों में पाया जाता है। यह भारत के दक्षिणी, पूर्वी और मध्य भागों में विशेष रूप से पाया जाता है। उष्णकटिबंधीय जलवायु में यह अच्छी तरह विकसित होता है।

Morphology

  • तना (Stem): सीधा, कोमल, 5–15 सेमी ऊँचा।
  • पत्तियाँ (Leaves): तने के शीर्ष पर गुच्छों में लगती हैं; संयुक्त पर्ण, प्रत्येक पत्ते पर लगभग 15–20 जोड़े पर्णक। छूने पर पत्तियाँ मुड़ जाती हैं।
  • फूल (Flowers): छोटे, पीले या नारंगी रंग के, घंटाकार, पुष्पक्रम में लगे।
  • फल (Fruit): कैप्सूल जैसा सूखा फल।
  • बीज (Seed): सूक्ष्म, हल्के भूरे रंग के।

Chemical Composition

Biophytol A, B
Amentoflavone
Luteolin, Isovitexin, Isoorientin
Tannins, Saponins, Alkaloids
Phenolic compounds
Polysaccharides

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- शोथहर, मूत्रल, यकृतप्रसादक, रक्तशोधक, कृमिघ्न, ज्वरनाशक, बल्य
Doshakarma- पित्त-शामक, कफ-वात संतुलक

Medicinal uses

शोथ (Inflammation): पत्तों का लेप लगाने से शोथ कम होता है।
यकृत विकार: जिगर की कार्यक्षमता सुधारने में उपयोगी।
कास-श्वास: कफ निस्सारण में सहायक।
रक्तपित्त: रक्तस्राव रोकने में सहायक।
मूत्रविकार: मूत्र प्रवाह बढ़ाने में लाभकारी।
व्रण-शोधन: घाव भरने में लेप के रूप में उपयोगी।
ज्वर: ज्वरहर काढ़े में उपयोगी।

Useful Part

सम्पूर्ण पौधा (Whole plant)

Doses

काढ़ा: 20–40 मिलीलीटर
चूर्ण: 2–4 ग्राम
स्वरस: 10–20 मिलीलीटर

Important Formulation

अलम्बुसा क्वाथ – शोथ एवं यकृत विकारों में
अलम्बुसा लेप – व्रण शोधन हेतु
अलम्बुसा रस – मूत्रल एवं रक्तशोधक

Shloka

"अलम्बुसा तिक्तकषाया लघुश्च शीतला स्मृता।
शोथपित्तहरत्वाच्च रक्तपित्ते प्रशस्यते॥"

Hindi Name​

अलम्बुसा, लघु लज्जालु, छोटी छुईमूई

English Name

Sensitive Plant, Little Tree Plant, Life Plant

Botanical Name

Biophytum sensitivum (Linn.) DC.

Family

Oxalidaceae