HERBAL GARDEN

उटंगन (Utangan)

Classification

Synoyms

Uttanganā, Uttangani, Utkatā, Utangika

Habit

एक छोटा वार्षिक या द्विवर्षीय शाकीय पौधा (Herb)

Habitat

यह भारत के शुष्क एवं अर्धशुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है, विशेषतः राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और पंजाब में।

Morphology

  • यह एक छोटी, रोएदार, शाकीय वनस्पति है जिसकी ऊँचाई लगभग 15–30 सेमी तक होती है।
  • पत्तियाँ संकरी, विपरीत रूप में स्थित होती हैं।
  • फूल नीले या बैंगनी रंग के होते हैं।
  • फल एक छोटी कैप्सूल के रूप में होता है जिसमें छोटे, चपटे बीज पाए जाते हैं।

Chemical Composition

इसमें अल्कलॉइड्स, फ्लेवोनॉयड्स, सैपोनिन्स, फेनोलिक यौगिक, स्टेरॉल्स और फिक्स्ड ऑयल पाए जाते हैं। बीजों में विशेष रूप से म्यूसीलेज और आवश्यक तेल उपस्थित होते हैं।

Guna-Karma

Rasa- कटु, तिक्त
Guna- लघु, तिक्ष्ण
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- वात-कफ हर, दीपनीय, पाचनीय, वृष्य, बल्य, शुक्रजनक, कृमिनाशक, त्वच्चिकित्सक।
Doshakarma- वात व कफ दोष का शमन करती है।

Medicinal uses

बीजों का उपयोग वृष्य (कामोत्तेजक) औषधियों में किया जाता है।
यह पाचन शक्ति बढ़ाता है और कृमि नाशक होता है।
त्वचा रोगों, खुजली, दाद आदि में उपयोगी।
श्वास, खाँसी, जुकाम एवं बुखार में सहायक।
स्त्रियों में गर्भाशय संबंधी विकारों में लाभकारी।
बल एवं वीर्यवर्धक टॉनिक के रूप में प्रसिद्ध।

Useful Part

बीज (Seeds), समग्र पौधा (Whole plant)

Doses

चूर्ण – 3 से 5 ग्राम प्रतिदिन, गुनगुने दूध या जल के साथ।
बीज का क्वाथ – 30–50 मि.ली. दिन में दो बार।

Important Formulation

Utangan Beeja Churna
Vājīkaraṇa योगों में उपयोग
बल्य एवं वृष्य लेह्यों में प्रयोग किया जाता है।

Shloka

उटंगनी तिक्तकटुका लघुोष्णा कफवातजित्।
वृष्या बल्या कृमिघ्नी च त्वग्विकारं विनाशयेत्॥

Hindi Name​

उटंगन, उत्तांगा

English Name

Sensitive Plant, Little Tree Plant, Life Plant

Botanical Name

Blepharis, Utangan

Family

Acanthaceae