भारत के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में, विशेषकर दक्षिण भारत, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में पाया जाता है। श्रीलंका, म्यांमार और अफ्रीका के कुछ भागों में भी पाया जाता है।
Morphology
ऊँचाई – 1–3 मीटर तक
तना – हरा-भूरा, अधिक शाखायुक्त
पत्ते – संयुक्त, विपरीत, प्रत्येक पत्ते में 8–12 जोड़े छोटे पत्रक
मधुमेह में रक्तशर्करा नियंत्रण हेतु
त्वचा रोगों (कुष्ठ, एक्जिमा, खुजली) में
रक्तपित्त एवं दाह में
व्रण एवं घाव में
नेत्ररोगों में (नेत्रप्रक्षालन हेतु)
मूत्रकृच्छ्र में
हेपेटोप्रोटेक्टिव (यकृत रक्षा)