HERBAL GARDEN

Sardar Patel Institute of Ayurvedic Medical Sciences & Research Centre, Lucknow

काष्ठदारु

Classification

Synoyms

दीर्घपर्णी
काष्ठपर्ण
रक्तशमन

Habit

दीर्घकाय, स्तम्भाकार वृक्ष, पाइन जैसी पत्ती वाला

Habitat

उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगने वाला वृक्ष। भारत में बाग-बगिचों, सड़कों और मंदिरों के आसपास सजावटी रूप से लगाया जाता है।

Morphology

  • ऊँचाई: 10–25 मीटर
  • तना: सीधा, लंबा, भूरे रंग का
  • पत्ते: लंबी, संकरी, हरे, चमकदार
  • फूल: छोटे, हरे-पीले, समूह में
  • फल: छोटे, नारंगी या लाल रंग के, बीजवाले
  • बीज: गोल, कठोर

Chemical Composition

अल्कालॉइड्स
फ्लेवोनॉइड्स
टैनिक एसिड
सैपोनिन्स
एंटीऑक्सीडेंट यौगिक

Guna-Karma

Rasa- कषाय, कटु
Guna- हल्का, सुखद
Virya- शीतल
Vipaka- कटु
Karma- वात-पित्त शमन, रक्तशोधन, हृदय स्वास्थ्य वर्धक, रक्तविकार नाशक, वातज रोग नाशक
Doshakarma- वात और पित्त शामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)

Medicinal uses

पत्ते – ज्वर, वात और पित्त विकार, रक्तविकार
बीज – मूत्रविकार और कृमिनाशक
छाल – वातज रोग, रक्तपित्त और त्वचा रोग
सजावटी और औषधीय दोनों उद्देश्यों में उपयोगी

Useful Part

पत्ते
बीज
छाल
फूल

Doses

पत्ते का काढ़ा – 20–30 ml
बीज चूर्ण – 1–2 ग्राम
छाल का काढ़ा – 20–30 ml

Important Formulation

काष्ठदारु पत्ती का काढ़ा (रक्तविकार और वात-पित्त विकार में)
बीज चूर्ण (कृमिनाशक और मूत्रविकार में)

Shloka

दीर्घपर्णकाष्ठं वातपित्तशामकं हि।
रक्तविकारनाशकं हृदयबलवर्धनम्।।

Hindi Name​

काष्ठदारु, दीर्घपर्णी

English Name

Indian Mast Tree, Ashoka Tree (Non-flowering variety sometimes referred)

Botanical Name

Polyalthia longifolia (Sonner.) Thwaites

Family

Annonaceae