मूत्रकृच्छ्र, मूत्राश्मरी (Kidney Stone)
रक्तस्त्राव (रक्तपित्त, नाक से रक्तस्राव) शोथ, व्रण, जलन
उच्च रक्तचाप (प्राकृतिक मूत्रल प्रभाव से)
विषचिकित्सा में
यकृत एवं प्लीहा रोगों में लाभकारी
Useful Part
पत्ते
Doses
स्वरस (Juice): 10–20 मिली
चूर्ण: 3–5 ग्राम
पत्तों का लेप: बाह्य प्रयोग
Important Formulation
पत्रफलेय रस
पर्णबीज स्वरस योग
पत्रफलेय घृत
Shloka
पर्णबीजं शीतलमतिकषायं तिक्तं रक्तपित्तप्रशमनं च।
दाहशमनं मूत्रकृच्छ्रहं च तद्व्रणेषु चोपयुज्यते॥
Hindi Name
पर्णबीज, पत्रफूल, अमृतपर्णी
English Name
Black HenbaneLife Plant, Miracle Leaf, Cathedral Bells