HERBAL GARDEN

भोजपत्र (Bhojpatra)

Classification

Synoyms

भुर्जपत्र, भोजपत्र, हिमभुर्ज, श्वेतपत्र

Habit

मध्यम आकार का पर्णपाती वृक्ष (Deciduous tree)

Habitat

भोजपत्र मुख्यतः हिमालय क्षेत्र के 3,000 से 4,500 मीटर की ऊँचाई पर पाया जाता है — जम्मू-कश्मीर से लेकर सिक्किम, भूटान और नेपाल तक। यह ठंडे और शुष्क पर्वतीय क्षेत्रों में उगता है।

Morphology

  • ऊँचाई: लगभग 12–20 मीटर तक।
  • छाल (Bark): पतली, चिकनी, चमकीली सफेद से हल्की भूरी रंग की, पत्रों के रूप में उतरती है।
  • पत्तियाँ (Leaves): सरल, अण्डाकार, किनारों पर दाँतेदार, 5–8 सेमी लम्बी।
  • फूल (Flowers): नर और मादा पुष्प क्रमशः भिन्न-भिन्न पुष्पक्रम (catkins) में लगते हैं।
  • फल (Fruit): सूक्ष्म पंखदार बीजों वाले छोटे शुष्क फल।

Chemical Composition

Betulin
Betulic acid
Lupeol
Tannins
Resin
Essential oils
Lignin
Saponins

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- वात-पित्त शामक, मूत्रल, कृमिघ्न, रक्तशोधक, त्वचरोगनाशक, शोथहर
Doshakarma- वात-पित्त शामक

Medicinal uses

त्वचा रोगों (eczema, psoriasis) में बाह्य लेप।
मूत्रविकारों में रस उपयोगी।
शोथ एवं सूजन में काढ़ा सेवन।
घाव एवं फोड़े पर लेप।
छाल को अग्निकर्म हेतु भी प्रयोग करते हैं।
पित्त विकारों एवं रक्तदोष में शमनकारी।

Useful Part

छाल (Bark), पत्तियाँ (Leaves), रस (Sap)

Doses

काढ़ा (Decoction): 20–40 मिलीलीटर
चूर्ण: 2–3 ग्राम
लेप: बाह्य उपयोग हेतु आवश्यकतानुसार

Important Formulation

भोजपत्र लेप – त्वचा रोगों में
भोजपत्र क्वाथ – मूत्रल एवं रक्तशोधक
भोजपत्र अर्क – पित्तशामक उपचार हेतु

Shloka

"भुर्जपत्रं हिमशैलोत्थं तिक्तं कषायमेव च।
वातपित्तहरं शीतं मूत्रलं कृमिनाशनम्॥"

Hindi Name​

भोजपत्र, भुर्जपत्र

English Name

Himalayan Birch, Birch Tree

Botanical Name

Betula utilis D. Don

Family

Betulaceae