HERBAL GARDEN
Sardar Patel Institute of Ayurvedic Medical Sciences & Research Centre, Lucknow
शाल्मली भेद
Classification
Synoyms
शाल्मली
श्वेत शाल्मली
कपूक
मोचरस (इसके स्राव से संबंधित)
Habit
यह एक विशाल, पर्णपाती (deciduous) वृक्ष है।
Habitat
यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में इसे बागों, सड़कों के किनारे एवं जंगलों में लगाया जाता है। यह नम एवं गर्म जलवायु में अच्छी तरह बढ़ता है
Morphology
- तना (Stem): सीधा, मोटा, कभी-कभी कांटेदार (युवा अवस्था में)
-
पत्तियां (Leaves): हस्ताकार (palmate), 5–9 पर्णकों वाली
-
फूल (Flowers): बड़े, हल्के पीले या गुलाबी-सफेद
-
फल (Fruits): लम्बे, अंडाकार कैप्सूल
- बीज (Seeds): छोटे, काले, रेशेदार कपास (kapok) से घिरे
Chemical Composition
टैनिन (Tannins)
फ्लेवोनॉइड्स (Flavonoids)
सैपोनिन्स (Saponins)
फिक्स्ड ऑयल (बीज में)
म्यूसीलेज (Mucilage)
Guna-Karma
Rasa- मधुर, कषाय
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- स्तम्भक,
व्रणरोपण,
शीतल,
बल्य
Doshakarma- पित्त एवं कफ का शमन,
वात पर हल्का प्रभाव
Medicinal uses
अतिसार (Diarrhea) एवं रक्तस्राव:
छाल का काढ़ा उपयोगी
घाव (Wounds):
मोचरस (gum) घाव भरने में सहायक
श्वेत प्रदर (Leucorrhea):
स्तम्भक गुण के कारण लाभकारी
दांत एवं मसूड़े:
छाल का उपयोग दन्त रोगों में
त्वचा रोग:
बाह्य लेप के रूप में उपयोग
Useful Part
छाल (Bark)
मोचरस (Gum/Resin)
बीज (Seeds)
जड़ (Root)
Doses
छाल चूर्ण: 3–6 ग्राम
काढ़ा: 20–40 ml
Important Formulation
शाल्मली चूर्ण
मोचरस योग
स्तम्भक औषध योग
Shloka
“शाल्मली कषाया शीतला स्तम्भनी गुरुः।
व्रणरोपणकृच्चैव पित्तकफविनाशिनी॥”
Hindi Name
सफेद सेमल, शाल्मली भेद, कपूक वृक्ष
English Name
Kapok Tree / Silk Cotton Tree (White Silk Cotton)
Botanical Name
Ceiba pentandra (L.) Gaertn.
Family
Malvaceae (पूर्व में Bombacaceae)
