Sardar Patel Institute of Ayurvedic Medical Sciences & Research Centre, Lucknow
कुष्ठ
Classification
Synoyms
कुष्ठ
कुट
कुटज (भिन्न पौधा, परंतु कुछ स्थानों पर भ्रम)
पुष्करमूल (आंशिक समानता)
Habit
यह एक बहुवर्षीय (perennial) शाकीय पौधा है।
Habitat
यह मुख्यतः हिमालय के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश) में पाया जाता है। ठंडी जलवायु एवं ऊँचाई वाले क्षेत्रों में इसकी वृद्धि होती है।
Morphology
तना (Stem): सीधा, मजबूत
पत्तियां (Leaves): बड़ी, खुरदरी, हरे रंग की
फूल (Flowers): बैंगनी या नीले, गुच्छों में
जड़ (Root): मोटी, सुगंधित, भूरे रंग की (मुख्य औषधीय भाग)
Chemical Composition
सेस्क्वीटर्पीन लैक्टोन्स (Costunolide, Dehydrocostus lactone)
आवश्यक तेल (Essential oil)
एल्कलॉइड्स
इनुलिन (Inulin)
Guna-Karma
Rasa- तिक्त, कटु
Guna- लघु, तीक्ष्ण, रुक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- बकफहर,
वातहर,
दीपनीय, पाचन,
कृमिनाशक,
श्वसन सुधारक
Doshakarma- वात एवं कफ का शमन,
पित्त को बढ़ा सकता है
Medicinal uses
त्वचा रोग (Skin diseases):
कुष्ठ, खुजली, दाद में उपयोगी
अस्थमा (Asthma):
श्वसन तंत्र में लाभकारी
पाचन विकार:
भूख बढ़ाने एवं गैस में उपयोग
कृमि रोग:
कृमिनाशक प्रभाव
दर्द एवं सूजन:
बाह्य लेप उपयोगी
Useful Part
जड़ (Root)
Doses
चूर्ण: 1–3 ग्राम
काढ़ा: 20–40 ml
Important Formulation
कुष्ठ चूर्ण
दशमूलारिष्ट (कुछ संदर्भों में)
श्वसन एवं त्वचा रोग योग