HERBAL GARDEN

गुलदाउदी

Classification

Synoyms

सुवर्णपुष्पी
सुवर्णकांति
करमर्दा
सुवर्णपत्रा

Habit

झाड़ीदार, सुगंधित, बहुवर्षीय शाकीय पौधा (Herbaceous perennial shrub)

Habitat

भारत के समशीतोष्ण व उपोष्ण पर्वतीय क्षेत्रों, बगीचों, खेत किनारों तथा वन स्परिक खाली भूमि में सहजता से उगता है; ऊँचाई लगभग 600 2200 मी. तक।

Morphology

  • तना – शाखायुक्त, मुलायम, हल्का रोइंदार
  • पत्तियाँ – गहरे हरे, बहुकोणीय खंडित, सुगंधित
  • फूल – पिण्डाकार पुष्पमुकुट (capitulum), प्रायः पीले परंतु श्वेत/बैंगनी विचित्रताएँ भी; शरद ऋतु में सर्वाधिक पुष्पन
  • फल/बीज – छोटे, भूरे, अग्रहीन (achenes)

Chemical Composition

Flavonoids (luteolin, quercetin, apigenin)
Sesquiterpene lactones
Volatile oils (camphor, borneol, 1,8 cineole)
Chlorogenic & caffeic acids
β sitosterol
Tannins
Polysaccharides
Antioxidant carotenoids

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- लघु, रुक्ष, सुगंधित
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- ज्वरघ्न, नेत्र्य, शोथहर, रक्तशोधक, पित्तहर, कफहर, कृमिघ्न
Doshakarma- पित्त रक्त शामक तथा कफनाशक (त्रिदोषमित्र, परंतु पित्त रक्त में विशेष प्रभावी)

Medicinal uses

ज्वर व दाह – पुष्प चाय / क्वाथ
नेत्र रोग – नेत्र धार एवं गुलदाउदी अर्क
शोथ एवं त्वचा रोग – पुष्प लेप / स्नान
रक्तदोष, उच्च रक्तचाप – पुष्प स्वरस / चूर्ण
सिरदर्द, माइग्रेन – पुष्प सोंठ संयोग
यकृत रक्षण – पुष्प पर्ण क्वाथ
मूत्रकृच्छ्र, विषाक्तता – शांतिकारक काढ़ा

Useful Part

मुख्यतः पुष्प; सहायक रूप में पत्तियाँ व कोमल तना

Doses

पुष्प चूर्ण : 1 – 3 g दिन में 2 बार
पुष्प क्वाथ / चाय : 20 – 40 ml
पुष्प स्वरस : 10 – 15 ml

Important Formulation

गुलदाउदी अर्क / आसव
सुवर्णमुखी कषाय
चक्षुष्य दृष्टिप्रदी वटी (नेत्र टॉनिक योगों में)
शीतज्वरहर टी (Herbal infusion mix)

Shloka

गुलदाउदी तिक्ता कषाया शीतला लघुरुक्षणा ।
पित्तं दाहं च ज्वरं च नेत्ररोगं विनाशये ॥ (भावप्रकाश निघण्टु – पुष्प वर्ग)

Hindi Name​

गुलदाउदी, सुवर्णमुखी, सीताफूल

English Name

Indian / Wild Chrysanthemum, Yellow Daisy

Botanical Name

Chrysanthemum indicum L.

Family

Asteraceae (Compositae)